Honth fatane lag gaye

2122   212
वार  थमने लग गए
हाथ दुखने लग गए
       बात इतनी सर्द थी
       होंठ फटने लग गए
देख कलयुग सो गया
लोग जगने लग गए
      राज़ ढकने के लिए
      राख ढकने लग गए
यूँ गहन थी वो कशिश
स्पर्श जलने लग गए
      क़ान ना ढक पाए जब
      चीख सहने लग गए
लाख दी चेतावनी
इश्क़ करने लग गए
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Sep 15 2018
10 pm
Gurgaon
B 12 suncity

That Coffee

*‎ नर्म पड़ी थी धूप में सर्दी, गर्म पियाला ... कॉफी का तेरा मेरा सुख दुख बांटे, अपना रिश्ता... कॉफी का! * रूह, ख़ुदा, दिल-विल के मोड़ ...